Reppelling in Birthi Fall





 रज्जु आरोहण और बिर्थी झरना, मुनस्यारी पिथौरागढ़

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जीवन का एक दौर ऐसा भी आया कि जब बिर्थी फॉल के समीप खड़े होकर ऊपर से नीचे गिरते हुए पानी के छींट फुहारों से भींगने की अनुभूति तो हुई समीप के सुरक्षा के लोगों ने और ऊंचाई पर जाने को मना कर दिया और जोखिम भरा क्षेत्र बतलाया । आज जब अमर उजाला समाचार पत्र में पढ़ने को मिला कि  Rappelling In Birthi Waterfall

बिर्थी फॉल पर रैपलिंग के लिए मन में लालच और उत्सुकतापूर्वक हृदय के साथ मैं अपनी सहयोगी टीम श्री जगदीश सिंह खाती श्रीमती मधुसनवाल श्रीपूरन सिंह रावत के साथ उसी मनोभाव के साथ पहुंच गया लगभग एक सौ फीट की ऊंचाई तक चढ़ाई भी की, जंगलों से भरपूर यह क्षेत्र और पानी की तेज धार हवाओं का झोंका भी हमें डरा रही थी । हमारे खाती साहब जब कभी हमें बाहर लेकर जाते तो एक बात कहते सभी को हँसी खुशी लौटना चाहिए । गैरसैण नाटी गाँव के चाय बागान सब कुछ मुनस्यार की कठिन यादगार यात्रा के रास्ते की पड़ने वाली हर पल पक्षियों के चलने और भेड़ों के शान्त जीवन नाचनी, टिमटिया गाँव के भयावह पहाड़ हृदय को झकझोर देते है । अनगिनत झरनों में बिर्थी का अपना महत्व है। 

      समाचार के अनुसार झरने के तल पर उतरते ही वहां पर उपस्थित साहसिक खेल प्रेमियों, दर्शकों और आयोजकों ने तालियों से उनका स्वागत किया । तल के बहाव की गति को समझना कठिन है,इस कीर्तिमान को बनाने के लिए संस्था के 22 पुरुष और आठ महिला सदस्यों ने प्रतिभाग किया ।  आइस संस्था की कोशिश लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल होने की है। अब रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए आवेदन किया जाएगा। झरने के साथ रैपलिंग का रिकॉर्ड अभी आंध्र प्रदेश के नाम दर्ज है । जहां पर 125 मीटर की ऊंचाई से वाटर फॉल रैपलिंग की गई थी ।  

     तल्ला जोहार मुनस्यारी के विश्व प्रसिद्ध 148 मीटर बिर्थी फॉल में आइस संस्था के 30 सदस्यों ने रविवार छह दिसम्बर 2020 को रैपलिंग का राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बनाया । आइस संस्था ने जिला प्रशासन और अन्य के सहयोग से बिर्थी वाटर फॉल में रैपलिंग शुरू की। इसमें प्रसिद्ध साहसिक पर्वतारोही मनीष कसनियाल और जया क्षेत्री ने फॉल के टॉप से ठंडे पानी की धाराओं के वेग से संघर्ष करते 148 मीटर उतरकर राष्ट्रीय स्तर का कीर्तिमान बनाया। हमने कुछ चित्र आपके लिए संजों कर आपके लिए भी रखे थे, कभी एक सार मुनस्यार लिखा भी था यह संसार में अकेली जगह है । आप भी समय निकाल कर अपने भारत का दर्शन करियें जहाँ कभी 1962 में आकाशवाणी और वर्तमान में दूरदर्शन  का रिले केन्द्र है, पिथौरागढ़ जनपद का गौरव है । ग्लेशियर और झरनों का शहर या गाँव या देश है हमारे सहयोगी  श्री मनोहर सिंह रावत और श्री मनोहर सिंह बृजवाल जी के साथ श्रीमती अंजू पांगती और श्री राम सिंह टोलिया  जी ने इसी क्षेत्र से आकाशवाणी को अच्छी आवाज और प्रतिष्ठा दी है । हम सभी आभारी है ।




















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